Thursday, December 24, 2009

एंकर और रिपोर्टर...दोनों का काम है अपनी भावनाओं को काबू में रखकर आप तक खबरें पहुंचाना. लेकिन ये भी इंसान है. लिहाज़ा कभी-कभार इनकी भावनाएं भी स्क्रीन पर प्रकट हो जाती हैं और तब बनते हैं ऐसे मज़ेदार वीडियो

-कभी रिपोर्टर और एंकर की लड़ाई ऑनस्क्रीन भी हो जाती है...
(वी़डियो देखने के लिए ये URL पेस्ट करें)
http://www.youtube.com/watch?v=pOc4XgBespw&feature=related



क्या होता है जब आ जाता है एंकर को गुस्सा
(वी़डियो देखने के लिए ये URL पेस्ट करें)
http://www.youtube.com/watch?v=GpVuxgSxFFE

Wednesday, December 23, 2009

जब भिड़ गए एंकर और रिपोर्टर

गुरूवार की सुबह गृहमंत्री पी चिदंबरम का एक बयान आया. चिदंबरम ने कहा कि इस साल कोई हमला नहीं हुआ. इन हमलों के टलने के लिए उन्होंने अच्छी किस्मत को श्रेय दे दिया.चैनलों को ये अच्छा मसाला मिल गया. फौरन कांउटर बाइट ले ली गई. विपक्ष ने इस बयान की निंदा की. इस बड़े बयान को आज तक ने दिखाना शुरू किया. चैलन ने गृहमंत्री का बयान दिखाया. फिर विपक्ष का बयान दिखाया. इस बीच आज तक के एंकर गौरव सांवत ने इस खबर पर एक लाइन ले ली. उन्होंने इसे गृहमंत्री पी चिदंबरम की विनम्रता माना. उनका तर्क था कि गृहमंत्री ने पिछले एक साल में मंत्रालय में काफी बदलाव किए हैं.
इस मामले पर और बात करने के लिए आज तक गौरव के साथ चैट पर आज तक के रिपोर्टर शमशेर को खड़ा किया गया. सावंत ने ली हुई लाइन पर ये सवाल पुछा कि क्या ये बयान गृहमंत्री की विनम्रता न मानी जाए. रिपोर्टर ने इसका जवाब न में दिया. उनकी दलील थी कि जब कल ही देश के कई शहरों में एलर्ट जारी किया गया है इस बयान से गलत संदेश जाएगा.
जिस लाइन पर गौरव थे,रिपोर्टर उसके ठीक उलट था. एक अजीब सी स्थिति थी. जहां रिपोर्टर और एंकर एक खबर को अलग-अलग तरीके से देख रहे थे. अमूमन टैट के दौरान रिपोर्टर जो कहता है एंकर उसे अपडेट की तरह लेता है. लेकिन यहां हो गया उल्टा. गौरव ने फिर से बोलना शुरू किया. और गृहमंत्री के बयान का अर्थ समझाने लगे. शमशेर को वही दलीलें दी जिसके आधार पर वो ये ये लाइन लिए थे कि ये चिदंबरम की विनम्रता है. हांलाकि वो अपनी दलीलों से शमशेर की बातों को काट नहीं पाए.लेकिन अचानक एंकर की ओर से ऐसी प्रतिक्रिया मिलने से रिपोर्टर शमशेर हक्के बक्के रह गए. हालात एंकर और रिपोर्टर के भिड़ने वाली हो गई थी. दोनों अपनी बात पर अड़ गए. लेकिन शायद वक्त रहते पैनल ने भांप लिया कि मामला बिगड़ रहा है. लिहाज़ा चैट यहीं खत्म कर दिया गया.

Tuesday, December 22, 2009

ये टीवी मीडिया की मंदी कब खत्म होगी ?

दुनिया में मंदी के बादल करीब-करीब छंट चुके हैं. देश में भी अर्थव्यवस्था का थर्मामीटर बन चुका मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक 17 हज़ार के पार है. पर मीडिया की मंदी अब भी खत्म नहीं हुई है. आलम ये है कि जिन चैनलों ने मंदी के दौरान किसी को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया वो अब छंटनी की तैयारी कर रहे हैं. पहला नाम टीवी 18 ग्रुप का है. दूसरा स्टार का. खबर है कि टीवी 18 ने अपने हिंदी और अंग्रेजी के बिज़नेस चैनल से करीब 250 लोगों की छटनी की. इस फैसले के बाद आईबीएन 7 और सीएनएन आईबीएन में भी छंटनी की सुगबुहाट तेज़ है. इस बीच खबर है कि स्टार में भी कोहराम मचा हुआ है. वहां भी प्रबंधन लगातार छंटनी के लिए दबाव बना रहा है. खबर यह भी है कि हफ्ते में दो दिन छुट्टी की परंपरा भी खत्म हो गई है. ये दोनों वो ग्रुप थे जो मंदी के खिलाफ मोर्चा लिए थे.इन दोनों चैनलों ने मंदी के दौर में भी छंटनी से परहेज़ किया. लेकिन अब लगता है इस मंदी ने पूरी मीडिया को अपनी चपेट में ले लिया.